रायपुर। प्रदेश के सहकारी बैंकों के अध्यक्षों ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप से सौजन्य भेंट कर सहकारी बैंकों एवं समितियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) के सशक्तिकरण तथा सहकारी संस्थाओं के कार्य-व्यवसाय में वृद्धि पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में अपेक्स बैंक रायपुर के अध्यक्ष केदारनाथ गुप्ता, रायपुर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, दुर्ग जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन, राजनांदगांव के अध्यक्ष सचिन सिंह बघेल, जगदलपुर के अध्यक्ष दिनेश कश्यप, बिलासपुर के अध्यक्ष रजनीश सिंह, सहकारिता सचिव आर. प्रसन्ना, सहकारी संस्थाओं के पंजीयक रमेश शर्मा तथा अपेक्स बैंक के महाप्रबंधक युगल किशोर वर्मा उपस्थित रहे।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की "सहकार से समृद्धि" की अवधारणा के अनुरूप पैक्स समितियों के माध्यम से संचालित योजनाओं एवं सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने पैक्स, दुग्ध, मत्स्य, बुनकर तथा अन्य सहकारी समितियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके कार्य-व्यवसाय को और विस्तार देने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सहकारी बैंकों के अध्यक्षों ने बैंकों एवं समितियों के संचालन से जुड़े कई लंबित विषयों पर मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। इनमें रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति, समिति स्तर के कर्मचारियों का विकासखंड के भीतर स्थानांतरण, धान खरीदी के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान, कालातीत ऋणों की वसूली के लिए एकमुश्त समझौता योजना लागू करना, अनुकंपा नियुक्ति के नियमों में शिथिलता तथा कर्मचारियों के भत्ते एवं एक्स-ग्रेशिया भुगतान संबंधी मांगें प्रमुख रहीं। मंत्री ने इन सभी विषयों पर सकारात्मक पहल कर शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया।
बैठक में सहकारिता सचिव आर. प्रसन्ना ने सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता, डिजिटल तकनीक के अधिकतम उपयोग और सदस्यों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर बल दिया। वहीं, सहकारी संस्थाओं के पंजीयक रमेश शर्मा ने समितियों के डिजिटल आधुनिकीकरण, कंप्यूटरीकरण और प्रभावी मॉनिटरिंग को समय की आवश्यकता बताते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने, सरकारी योजनाओं का लाभ सहकारी संस्थाओं के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने तथा उत्पादों के बेहतर विपणन और भंडारण की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
बैठक में सहकारिता आंदोलन को अधिक सशक्त, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर भी सहमति बनी।
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