होम / सामाजिक गतिविधियां / UPI पर शुल्क जनता और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ : अरुण वोरा
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दुर्ग। UPI के जरिए होने वाले चुनिंदा व्यापारी भुगतान पर शुल्क लगाए जाने के फैसले को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि UPI आज देश के करोड़ों लोगों के रोजमर्रा के लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे समय में डिजिटल भुगतान व्यवस्था पर शुल्क की शुरुआत आम जनता और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाली है।
वोरा ने कहा कि छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और डिजिटल भुगतान पर निर्भर आम लोगों के बीच इसके संभावित प्रभावों को लेकर व्यापक चर्चा जरूरी है। इस विषय को जन-जन तक पहुंचाने और केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ देशव्यापी विरोध की तैयारी की जा रही है।
वोरा ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए UPI को सरल और सुलभ बनाया गया था। अब शुल्क व्यवस्था लागू होने से व्यापारियों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
गौरतलब है कि 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के पात्र व्यक्ति से व्यापारी (Person-to-Merchant) UPI लेनदेन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की घोषणा की गई है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन है। व्यक्ति से व्यक्ति (Person-to-Person) UPI भुगतान पर यह MDR लागू नहीं होगा।
ये असमंजस की स्तिथि बनी हुई है
सरकार तय कर ले कि UPI टैक्स दुकानदार द्वारा दिया जायेगा या कि ग्राहक देंगे?
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