होम / सामाजिक गतिविधियां / स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली दरों में राहत की मांग को लेकर कांग्रेस का आंदोलन तेज
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-400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना फिर लागू करने की मांग, घर-घर आवेदन भरवाएगी कांग्रेस
दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर शनिवार को राजीव भवन, दुर्ग में आयोजित संयुक्त पत्रकार वार्ता में जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष राकेश ठाकुर और दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने प्रदेश सरकार की बिजली नीति पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट मीटर हटाने, बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी वापस लेने तथा 400 यूनिट तक की बिजली बिल हाफ योजना को पुनः लागू करने की मांग की।
राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद लगातार बिजली दरों में वृद्धि कर आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना से लाखों परिवारों को राहत मिलती थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इस जनहितकारी योजना को बंद कर दिया। उन्होंने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद प्रदेशभर से अधिक बिजली बिल, गलत रीडिंग और उपभोक्ताओं की सहमति के बिना अनुबंध भार बढ़ाने जैसी शिकायतें लगातार मिल रही हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली उपभोक्ताओं से कम दर पर खरीदी जा रही है, जबकि वही बिजली अधिक कीमत पर वापस उपलब्ध कराई जाती है। इसे उन्होंने आम लोगों के साथ आर्थिक अन्याय बताया।
राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर हटाने के लिए आवेदन भरवाने का अभियान जिले के सभी ब्लॉकों में शुरू कर दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से आवेदन भरवाएंगे और उनकी समस्याओं को दर्ज करेंगे। उन्होंने स्मार्ट मीटर को "महतारी वंदन वसूली मीटर" बताते हुए आरोप लगाया कि इसे उपभोक्ताओं पर जबरन थोपा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगले दो माह तक पूरे जिले में जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद आवेदन ब्लॉक कांग्रेस समितियों के माध्यम से जिला कांग्रेस कमेटी को सौंपे जाएंगे और फिर बिजली कार्यालय का घेराव कर अधिकारियों को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके पश्चात प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री निवास का घेराव कर जनता की मांगों को उठाया जाएगा।
दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार स्वयं स्पष्ट कर चुकी है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं लगाए जा सकते, लेकिन छत्तीसगढ़ में लोगों की सहमति के बिना इन्हें लगाया जा रहा है। उन्होंने इसे उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन बताया।
बाकलीवाल ने कहा कि बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्य होने के बावजूद छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को महंगी बिजली मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं से मनमानी दरों पर शुल्क वसूला जा रहा है तथा सरकार बिजली व्यवस्था के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिजली दरों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर और बिजली उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर वार्ड-वार्ड और घर-घर जाकर जनजागरण अभियान चलाएगी तथा व्यापक जनभागीदारी के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
पत्रकार वार्ता में अल्ताफ अहमद, संजय कोहले, रायसिंह ढिकोला, नासिर खोखर, सुनीत घोष, पालेश्वर ठाकुर, लोचन यादव, सुशील भारद्वाज, गुरदीप भाटिया, अभिषेक जांगड़े, सुमित नारंग, पोषण साहू, आनंद कपूर ताम्रकार, हिमांशु शर्मा, प्रवीण डे, देवश्री साहू, गौरव उमरे, मनीष बघेल, चिराग शर्मा, आयुष शर्मा, राजू भाटिया, लिखन साहू, अली असगर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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