आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) मशीन की मदद से प्रदर्शित की जाने वाली बुद्धिमत्ता है, जो किसी भी जीव की बुद्धिमत्ता के विपरीत है. मशीन की बुद्धिमत्ता में वाक्य पहचान, कंप्यूटर दृष्टि, भाषाओं के बीच अनुवाद, साथ ही, इनपुट के अन्य फिचर्स शामिल हैं (AI Features)|
एआई ऐप्लिकेशन्स में एडवांस वेब सर्च इंजन (जैसे, Google सर्च), रिकमंडेशन सिस्टम (यूट्यूब, अमेज़ॅन और नेटफ्लिक्स द्वारा उपयोग किया जाता है), मानव आवाज को समझना (जैसे सिरी और एलेक्सा), सेल्फ-ड्राइविंग कार (जैसे, वेमो), जनरेटिव या क्रिएटिव टूल्स (चैटजीपीटी और एआई कला), ऑटोमेटेड डिसिज़न मेकिंग, और गेम सिस्टम (जैसे शतरंज और गो) में उच्चतम स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना शामिल हैं (AI Applications)|
AI हमारी सोच का दायरा ही नहीं, दिमाग भी छोटा कर सकता है! वैज्ञानिक की चेतावनी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज की तारीख में 'हॉट केक' है. जिसे देखो, वहीं एआई के इस्तेमाल से लेकर उसके फायदे और नुकसान बताने में लगा है. AI के सुलभ और मेनस्ट्रीम होने से बहुतों का जीवन आसान हुआ है तो कुछ को लगता है कि उनका भविष्य संकट में है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इंसान पर संभावित प्रभावों के बारे में कई वैज्ञानिक भी सोच रहे है. ऐसे कई सिनेरियो हैँ जिनमें AI को मानव अस्तित्व के लिए खतरा बताया गया है. हालांकि, हर भविष्यवाणी डरावनी नहीं है. एक इवोल्यूशनरी बायोलॉजिस्ट ने The Quarterly Review of Biology जर्नल में छपी स्टडी में AI के संभावित प्रभावों के बारे में बताया है. न्यू साउथ वेल्स यूनिवर्सिटी में इवोल्यूशन के प्रोफेसर रॉब ब्रूक्स के मुताबिक, AI मानव के दिमाग और व्यवहार पर असर डाल सकता है|
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