होम / दुर्ग - भिलाई / संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने मादक पदार्थों की रोकथाम व अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
दुर्ग - भिलाई
संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने आज संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर मादक पदार्थों की रोकथाम, शैक्षणिक परिसरों के आसपास स्वच्छता, अवैध अतिक्रमण हटाने तथा ई-ऑफिस के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कड़े निर्देश दिए। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों से प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
संभागायुक्त श्री राठौर ने उच्च शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि प्रदेश में मादक पदार्थों की रोकथाम हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों एवं कॉलेजों में नशा विरोधी कार्यक्रमों, सेमिनारों, कार्यशालाओं के साथ-साथ निबंध, भाषण, पोस्टर, चित्रकला, नाटक और क्विज प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया जाए।
उन्होंने दोहराया कि शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है और इसके उल्लंघन को बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बताया। संभागायुक्त ने कोटपा एक्ट के तहत सख्त और निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वार्षिक परीक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए संभागायुक्त ने त्रुटिरहित प्रश्नपत्र निर्माण पर जोर दिया और प्रश्नों की तैयारी के दौरान समुचित जांच-पड़ताल अनिवार्य करने को कहा। इसके साथ ही उन्होंने अभियान चलाकर अधिक से अधिक विद्यार्थियों के आय, जाति, निवास एवं जन्म प्रमाण-पत्र तैयार कराने के निर्देश दिए, ताकि छात्रों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ रखने के लिए एनएसएस, एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के सहयोग से नियमित अभियान चलाने पर बल दिया गया।
संभागायुक्त ने सभी स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों एवं शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि अतिक्रमण के कारण आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से तत्काल कार्रवाई करें।
प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए संभागायुक्त ने आधार बेस्ड अटेंडेंस को प्राथमिकता के साथ लागू करने तथा विभागीय कार्यों में ई-ऑफिस के माध्यम से ही नोटशीट व पत्राचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस से पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और कार्यों का त्वरित निपटान संभव होगा। आवश्यकता अनुसार अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रशिक्षण पुनः उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
बैठक में समय-सीमा के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, आवारा मवेशियों पर नियंत्रण, तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सॉलिड व लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए। सहकारिता विभाग को सभी पंचायतों में प्राथमिक सहकारी समितियों से शत-प्रतिशत जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
बैठक में उपायुक्त (राजस्व) श्री पदुमलाल यादव, उपायुक्त (विकास) श्री संतोष ठाकुर सहित संभाग के समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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