मिलेगी 42 हजार रुपये की मासिक पेंशन
धनखड़ इस समय 74 साल के हैं. नियमों के अनुसार उन्हें राजस्थान विधानसभा से लगभग 42 हजार रुपये मासिक पेंशन मिलेगी. राजस्थान में नेताओं के लिए दोहरी और तिहरी पेंशन की व्यवस्था है. यानी यदि कोई व्यक्ति सांसद और विधायक दोनों रह चुका है तो उसे दोनों पदों की पेंशन मिल सकती है.
यही कारण है कि कई पूर्व नेता एक साथ अलग-अलग पदों की पेंशन उठाते हैं. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पुष्टि की है कि धनखड़ का पेंशन आवेदन विधानसभा को प्राप्त हो गया है और उस पर प्रक्रिया जारी है
गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने हाल ही में अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने 21 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर अपने इस्तीफे की जानकारी दी थी. अपने पत्र में उन्होंने इस्तीफे का कारण स्वास्थ्य बताया था. इस कदम से देश की राजनीति में हलचल मच गई थी क्योंकि उनका कार्यकाल अभी शेष था.
विपक्ष पूछ रहा सवाल
जगदीप धनखड़ को लेकर लगातार विपक्ष केंद्र सरकार को घेर रहा है. धनखड़ का जिक्र करते हुए लोकसभा में राहुल गांधी ने भी सवाल उठाए थे. उन्होंने पूछा था- ‘राज्यसभा में जिनकी आवाज गूंजती थी, वो अचानक से चुप हो गए… पूरी तरह से चुप! ये बात सभी जानते हैं और पूछते हैं, भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति आखिर छिपे हुए क्यों हैं? क्यों ऐसी नौबत आ गई कि वह बाहर आकर एक शब्द भी नहीं बोल सकते? सोचिए, हम कैसे समय में जी रहे हैं?’
अंतरराष्ट्रीय उड़ान
कपिल सिब्बल ने चुटकी लेते हुए कहा था कि अब तक तो उन्होंने ‘लापता लेडीज’ के बारे में ही सुना था, लेकिन ‘लापता वाइस प्रेसिडेंट’ का किस्सा पहली बार सुनने को मिला है. उन्होंने विपक्ष से गुजारिश की थी कि जगदीप धनखड़ की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें.
सिब्बल ने बताया कि पहले दिन उन्होंने धनखड़ के निजी सचिव से संपर्क किया था. उस समय उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि वे आराम कर रहे हैं. इसके बाद से न तो उनकी कोई बातचीत हुई और न ही कोई आधिकारिक जानकारी सामने आई. यहां तक कि उनकी मौजूदा लोकेशन तक किसी को नहीं मालूम.
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