होम / सामाजिक गतिविधियां / आलोक धार्मिक पुस्तक भंडार, दुर्ग में अब उपलब्ध हैं गीता प्रेस की पुस्तकें एवं सभी प्रमुख धार्मिक ग्रंथ
सामाजिक गतिविधियां
आलोक धार्मिक पुस्तक भंडार, दुर्ग एक ऐसा प्रतिष्ठित स्थान बन चुका है जहाँ धर्म और आध्यात्म से संबंधित सभी प्रमुख ग्रंथ सुलभ मूल्य पर उपलब्ध हैं। दुर्ग के पचरी पारा स्थित इस पुस्तक भंडार की स्थापना धार्मिक पुस्तकों के आदर्श संग्रह और समुदाय के आध्यात्मिक पोषण के उद्देश्य से की गई थी। आज यह पुस्तक भंडार स्कूल–कॉलेज के छात्रों, गुरुकुलों, संतों, साधुओं और पूजा-पाठ, अनुष्ठानिक कार्य में लगे लोगों के बीच एक आदर्श केन्द्र बन गया है।
स्थापना और उद्देश्य
आलोक धार्मिक पुस्तक भंडार की नींव रखी गई ताकि सनातन धर्म-अनुष्ठान, संस्कृति और आध्यात्म की समृद्ध विरासत को उजागर किया जा सके। इसका प्रमुख उद्देश्य धर्मग्रंथों की ऐसी विस्तृत श्रृंखला को आम जनता तक पहुंचाना था जो पारंपरिक रूप से दुर्लभ या महँगी मानी जाती हैं। भंडार ने यह सुनिश्चित किया कि छोटी-मोटी जाति, वर्ग, आर्थिक पृष्ठभूमि चाहे कोई भी हो, सभी को धार्मिक एवं आध्यात्मिक ज्ञान से संसाधित किया जा सके।
सबसे खास बात यह है कि आलोक धार्मिक पुस्तक भंडार अब गीता प्रेस, गोरखपुर की प्रमाणित पुस्तकें उपलब्ध कराने वाला एक प्रमुख विक्रेता बन चुका है। गीता प्रेस भारत का एक प्रतिष्ठित धर्मग्रंथ प्रकाशन संस्थान है जिसकी पुस्तकों को सरल भाषा, सटीक भावार्थ और दूरगामी उपयोगिता के कारण पूजा-पाठ, शोध और अध्ययन में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है। गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित प्रत्येक श्रेणी की पुस्तक यहाँ पाई जाती है:
भगवद्गीता: संस्कृत मूल पदों में सहित सरल एवं विमर्शात्मक हिंदी अनुवाद, आध्यात्मिक शिक्षण और जीवन-दर्शन का सार।
रामायण: गोस्वामी तुलसीदास कृत ‘श्रीरामचरितमानस’ सहित संस्कृत मूलकाण्ड और मथुरा चित्र सहित संस्मरण ग्रंथ।
महाभारत: संस्कृत मूलसंहिता तथा हिंदी व्याख्यात्मक संस्करणों सहित कर्ण, द्रोण, ध्रुव, अभिज्ञान एवं धार्मिक सम्बन्धी शोध‑ग्रंथ।
दुःख, आनंद एवं धर्म के विविध पहलुओं को उजागर करती देवी पुराण और शिव पुराण: धार्मिक कथाओं और अनुशासनों की विवेचना।
व्रतों, त्योहारों और अनुष्ठानों हेतु पुस्तकें: संपूर्ण विधियों, कथा-कहानियों, मंत्र, पूजा-रेखाओं एवं अनुष्ठानी तत्वों के साथ।
उपनिषद, वेद, योग, वास्तु, ज्योतिष, स्वास्थ्य एवं आध्यात्मिक पालन‑पोथियाँ: संपूर्ण आध्यात्मिक शक्ति एवं विकास हेतु ज्ञान‑सामग्री।
गीता प्रेस के अतिरिक्त, आलोक धार्मिक पुस्तक भंडार में निम्नलिखित सामग्री व्यापक रूप में प्राप्त होती है:
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड: भक्ति‑गोत्वर्धन हेतु मुख्य ग्रंथ
भजन संकलन: मीरा, सूरदास, तुलसीदास, नानकदास आदि कवियों के भजनों की व्यापक सूची
ज्ञान‑विज्ञान ग्रंथ: ‘बृहत्प्रश्नोत्तरदीपिका’, ‘धार्मिक गणनाएँ’ अथवा अध्ययन‑विषयक पुस्तिकाएँ
बच्चों के लिए सरल जीवन‑शिक्षा और कथासंग्रह: सरल हिंदी में अनुकूलित मूल कथाएँ – छोटे बच्चों को धर्म‑संस्कृति समझाने हेतु उपयुक्त
यह पुस्तक भंडार सभी आयु‑समूह और उपयोगकर्ताओं को ध्यान में रखकर संचालित किया गया है:
छात्र और शोधकर्ता: धार्मिक अध्ययन, शोधकार्य एवं प्रोजेक्ट हेतु विभिन्न धर्मग्रंथ
धार्मिक आयोजक और पंडित: पूजा‑पाठ, अनुष्ठान, यज्ञ, शादी, मुंडन, गृहप्रवेश आदि के लिए व्यवस्थापित पुस्तक‑सामग्री
गृहस्थ और साधक: साधारण पूजापूजा, आध्यात्मिक अनुष्ठान, मंत्र‑दर्शन, योग एवं स्वास्थ्य सार ग्रंथ
बच्चे और युवा वर्ग: सरल, रोचक व शिक्षाप्रद कथासंग्रह जिनसे वे धार्मिक, नैतिक और सांस्कृतिक ज्ञान सरलता से ग्रहण कर सकते हैं
विश्वसनीयता: गीता प्रेस जैसी प्रमाणित संस्था की पुस्तकें मिलने का भरोसा
गुणवत्ता: सस्ती कीमत, उच्च प्रकाशन गुणवत्ता एवं पैकेजिंग
विविधता: विश्वास की संपन्न सामग्री के साथ भरी विस्तृत चयन
अनुकूले समय में उपलब्धता: कार्यदिवस और सप्ताहांत दोनों में खुला रेस्टोरेंट‑समान सुविधाएं प्रदान
मेल ऑर्डर / डेलीवरी: दूर‑दराज स्थानों के लिए डिलीवरी सुविधा (शर्तों एवं शुल्कों के अनुसार)
पाठक सलाह: पुस्तक‑चयन में सहायता, सिफारिश और आरंभिक मार्गदर्शन
कई अध्यात्मिक साधक, वयस्क और युवा इत्यादि ग्राहक नियमित रूप से यहाँ आते हैं और निम्न अनुभव साझा करते हैं:
"गीता प्रेस की भाषा सरल और संस्कृतियुक्त है। आलोक पुस्तक भंडार की मदद से मैंने अपनी पूजा‑पाठ सामग्री का अच्छा संग्रह तैयार किया।"
"रामायण‑महाभारत अध्ययन से मैंने गढ़‑दुर्ग की संस्कृति और जीवन‑ज्ञान में नई समझ पाई।"
पुस्तक भंडार समय‑समय पर स्थानीय गुरुकुल, स्कूल, मंदिरों और धार्मिक संस्थानों के साथ साझेदारी करता है। धार्मिक आयोजन, पुस्तक विमोचन, सत्संग तथा श्रेणीय प्रवचन‑कार्यक्रमों के लिए इन्हें उपहारस्वरूप और सुविधा‑संग्रह हेतु पुस्तक उपलब्ध कराई जाती है।
आलोक धार्मिक पुस्तक भंडार आसानी से पहचाना जा सकता है क्योंकि यह दुर्ग के पचरीपारा क्षेत्र में, डॉ. मिश्रा निवास के पास स्थित है—मुख्य मार्ग से थोड़ी ही दूरी पर व्यापक पैदल व वाहन मार्ग से जुड़ा स्थल।
? पता: पचरी पारा, डॉ. मिश्रा रेसिडेंस के सामने, दुर्ग
? फोन: 9098870071
⏰ समय: सर्वदिवस खुला (सुबह 10 बजे से शाम 8 बजे तक)
? डिलीवरी/मेल ऑर्डर: उपलब्ध (वेरिएबल चार्ज और कोन्टैक्ट विवरण अनुसार)
निष्कर्ष
अगर आप धार्मिक अध्ययन, आध्यात्मिक प्रभाव, संस्कृति‑ज्ञान, दर्शन या पूजा‑पाठ में रुचि रखते हैं, तो आलोक धार्मिक पुस्तक भंडार, दुर्ग आपके लिए एक आदर्श स्थायी साथी बन सकता है। विस्तृत चयन, विश्वसनीयता, उचित गुणवत्ता और सहायता की भावना इसे क्षेत्र का अग्रणी धर्म‑ग्रंथ विक्रेता बनाती है।
यदि आप ग्रंथ‑संस्करण, कथा‑पुस्तक, पूजा‑कथा, मंत्र‑सूचि, या आध्यात्मिक जानकारी की तलाश में हैं, तो आलोक धार्मिक पुस्तक भांडार, पचरी पारा, दुर्ग आपके स्वागत के लिए तत्पर है—जहाँ धर्म‑ज्ञान और संस्कृति‑उत्कर्ष की यात्रा प्रारम्भ होती है।
आज ही संपर्क करें:
? 9098870071
? पचरी पारा, दुर्ग (डॉ. मिश्रा निवास के पास)
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