बिलासपुर। बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट बिलासपुर में शुक्रवार को एंटी हाईजैक मॉक ड्रिल एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया गया। ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन के निर्धारित मापदंडों के अनुसार आयोजित यह अभ्यास वर्ष में एक बार किया जाता है, जिसका उद्देश्य विमान अपहरण जैसी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करना है।
मॉक ड्रिल के दौरान एयरक्राफ्ट हाईजैक होने की सूचना मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोलर द्वारा तत्काल एयरोड्रोम कमिटी चेयरमैन एवं जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल तथा पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट नोडल अधिकारी, एयरपोर्ट डायरेक्टर, सीएसओ, कासो, एयरलाइंस स्टेशन मैनेजर, भाषा विज्ञानी एवं स्थानीय थाना पुलिस सहित एयरोड्रोम कमिटी के सभी सदस्य एंटी हाईजैक कंट्रोल रूम में एकत्रित हुए और रणनीति तैयार की गई।
ड्रिल के अनुसार विमान में कुल 30 यात्री सवार थे। दो हाईजैकर्स द्वारा अपनी मांगें एयरोड्रोम कमिटी के समक्ष रखी गईं। इसी दौरान एयरपोर्ट की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक हाईजैकर को मार गिराया, जबकि दूसरे हाईजैकर को दबोच लिया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल हुए एक यात्री को एयरपोर्ट स्थित एमआई रूम में प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया। पूरी मॉक ड्रिल जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल के नेतृत्व में संपन्न हुई। इस अभ्यास के माध्यम से आतंकवादियों द्वारा विमान अपहरण जैसी वास्तविक परिस्थितियों में सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं यात्रियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की ड्रिल से आपात परिस्थितियों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनती है।
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