होम / दुर्ग - भिलाई / मनरेगा मजदूरी भुगतान में तेजी, 23.39 करोड़ राशि श्रमिकों के खातों में जमा
दुर्ग - भिलाई
कलेक्टर ने जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश
-रोजगार सहायकों को श्रमिकों से नियमित संपर्क बनाए रखने कहा
दुर्ग। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत दुर्ग जिले में श्रमिकों की लंबित मजदूरी भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग बजरंग कुमार दुबे ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में कुल 23 करोड़ 39 लाख 17 हजार रुपये की मजदूरी राशि एसएनए-स्पर्श प्रणाली के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। वर्तमान में बड़ी संख्या में श्रमिकों के खातों में राशि सफलतापूर्वक जमा हो चुकी है तथा शेष भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है।
उन्होंने बताया कि शासन स्तर से प्राप्त राशि का प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न जनपद पंचायतों एवं क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से भुगतान किया जा चुका है। इसके अंतर्गत जनपद पंचायत दुर्ग में 8 करोड़ 64 लाख 68 हजार रुपये, जनपद पंचायत धमधा में 6 करोड़ 34 लाख 53 हजार रुपये तथा जनपद पंचायत पाटन में 6 करोड़ 25 लाख 67 हजार रुपये की राशि संबंधित श्रमिकों के खातों में जमा की गई है। इसके अतिरिक्त अन्य क्रियान्वयन एजेंसियों के माध्यम से 2 करोड़ 14 लाख 29 हजार रुपये की मजदूरी राशि का भी भुगतान किया जा चुका है।
सीईओ जिला पंचायत ने कहा कि मनरेगा श्रमिकों को समय पर मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जिले के सभी मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, कार्यक्रम अधिकारियों, तकनीकी अमले एवं जनपद पंचायत स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मजदूरी भुगतान से जुड़ी खातों संबंधी समस्याओं, आधार सीडिंग, बैंकिंग त्रुटियों अथवा तकनीकी बाधाओं का तत्काल निराकरण किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर श्रमिकों को उनके खातों में राशि जमा होने की जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि भुगतान संबंधी भ्रम की स्थिति न बने। साथ ही रोजगार सहायकों को प्रतिदिन श्रमिकों से संपर्क बनाए रखने, भुगतान की स्थिति की जानकारी साझा करने तथा शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जिन श्रमिकों के खातों में तकनीकी अथवा बैंकिंग कारणों से भुगतान लंबित है, उनके मामलों की अलग से मॉनिटरिंग कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी भुगतान से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए सतत निगरानी रखने कहा गया है, ताकि श्रमिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा अंतर्गत मजदूरी भुगतान प्रक्रिया को लगातार गति प्रदान की जा रही है तथा सभी संबंधित विभागों और बैंकिंग संस्थाओं के समन्वय से लंबित भुगतान का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।
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