होम / दुर्ग - भिलाई / जिला शतरंज चैंपियनशिप के अंडर-7 में मेधांस, श्रेष्ठा और अंडर-11 में विराट अय्यर एवं शान्विका उदवाला बने विजेता
दुर्ग - भिलाई
-हर हार एक नया सबक सिखाती है : कैलाश जैन बरमेचा
भिलाई/दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के मार्गदर्शन में जिला शतरंज संघ दुर्ग द्वारा मनसा कॉलेज ऑफ एजुकेशन भिलाई के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय जिला शतरंज चैंपियनशिप का भव्य समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह संपन्न हुआ। यह प्रतियोगिता अंडर-7 एवं अंडर-11 आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें नन्हें धुरंधरों ने अपनी मानसिक एकाग्रता और खेल कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध समाजसेवी साहित्यकार एवं छत्तीसगढ़ पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश जैन बरमेचा थे, जबकि समारोह की अध्यक्षता मनसा कॉलेज के डायरेक्टर संजीव सक्सेना ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला शतरंज संघ दुर्ग के सचिव तुलसी सोनी, इंटरनेशनल आर्बिटर अलंकार भिवगड़े, रॉकी देवांगन एवं गुलाब चौहान उपस्थित थे।
जिला शतरंज संघ दुर्ग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत ने स्पर्धा की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि पूरी प्रतियोगिता में कुल पांच चक्र मैच खेले गए। कड़े संघर्ष के बाद अंडर-7 के ओपन वर्ग में मेधांस सोरी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विजेता का खिताब जीता, जबकि रुशांक दवे उपविजेता बने। अंडर-7 बालिका वर्ग में श्रेष्ठा भारद्वाज विजेता रहीं और शानवी झा ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। वहीं अंडर-11 ओपन वर्ग में वी. विराट अय्यर ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की और सर्वेश लिलहारे दूसरे स्थान पर रहे। अंडर-11 बालिका वर्ग में उदवाला शान्विका विजेता बनीं और येशना पिल्लई ने उपविजेता का खिताब अपने नाम किया।
प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा के साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि इन सभी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन राज्य शतरंज चैंपियनशिप के लिए किया गया है। अन्य श्रेणियों में रिदीत जैन (अंडर-7 ओपन), अविका पसीने (बालिका वर्ग), चनवीर सिंह (अंडर-11) और मानस्वी शर्मा (बालिका वर्ग) तृतीय स्थान पर रहे। सभी विजेता खिलाड़ियों को आकर्षक ट्रॉफी एवं भाग लेने वाले समस्त प्रतिभागियों को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस गरिमामय अवसर पर मुख्य अतिथि कैलाश जैन बरमेचा ने सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, "खिलाड़ियों को हार से कभी निराश नहीं होना चाहिए। हर हार एक नया सबक सिखाती है, जिससे अगली स्पर्धा के लिए और मजबूती से तैयारी की जा सकती है।" उन्होंने सफल आयोजन के लिए जिला शतरंज संघ की पूरी टीम को बधाई दी और भविष्य में भी खेलों के विकास के लिए अपना निरंतर सहयोग प्रदान करने का संकल्प दोहराया।
अध्यक्षीय संबोधन में मनसा कॉलेज के डायरेक्टर संजीव सक्सेना ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा निखरकर सामने आती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मनसा एजुकेशन खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सदैव तत्पर रहेगा। सचिव तुलसी सोनी ने सभी खिलाड़ियों की खेल भावना और अभिभावकों के अनुशासित सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
आयोजन की सफलता में फीडे आर्बिटर अनिल शर्मा, दिनेश जैन, मोरध्वज चंद्राकर, टिकेश्वर साहू, छाया नोर्गे, संगीता, जिज्ञासा, मोनिका और अंजली टोप्पो का सराहनीय योगदान रहा। मुख्य निर्णायक की भूमिका इंटरनेशनल आर्बिटर रॉकी देवांगन ने निभाई, जबकि तकनीकी सहायक के रूप में फीडे आर्बिटर अनिल शर्मा एवं सीनियर नेशनल आर्बिटर दिव्यांशु उपाध्याय सक्रिय रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन ईश्वर सिंह राजपूत एवं धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष दिनेश जैन द्वारा किया गया।
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