पेंड्रा। छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल में हाथियों की बढ़ती संख्या ने वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। वनमंडल में हाथियों की संख्या 54 से बढ़कर 62 के करीब पहुंच गई है। इसकी पुष्टि मरवाही वनमंडल के डीएफओ निशांत कुमार ने की है। जानकारी के अनुसार, करीब 10 दिन पहले कटघोरा वनमंडल से 53 हाथियों का दल मरवाही वनमंडल में दाखिल हुआ था।
ड्रोन से हुई गिनती में 62 हाथियों की मौजूदगी
हाथियों की वास्तविक संख्या का आकलन करने के लिए वन विभाग ने ड्रोन कैमरे की मदद से गणना कराई। गणना में लगभग 62 हाथियों की मौजूदगी सामने आई, जिनमें 55 वयस्क हाथी और शेष छोटे हाथी और शावक बताए गए हैं। हाथियों की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए डीएफओ निशांत कुमार स्वयं वन कर्मचारियों के साथ लगातार निगरानी कर रहे हैं।
फसलों से लेकर घरों तक हाथियों का उत्पात
मरवाही वनमंडल में हाथियों की लगातार मौजूदगी के बीच उत्पात की घटनाएं भी जारी हैं। हाथी खेतों में खड़ी किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं, भोजन की तलाश में ग्रामीणों के घरों को भी निशाना बना रहे हैं। इससे वनांचल के गांवों में दहशत और किसानों के सामने नुकसान की चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
मरवाही वनमंडल में हाथियों की लगातार आवाजाही और बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष को देखते हुए वनमंडल को लेमरू हाथी परियोजना में शामिल करने की मांग भी लगातार उठ रही है। अब देखना होगा कि, हाथियों से ग्रामीणों की सुरक्षा, फसलों की क्षति रोकने और प्रभावित परिवारों को राहत देने के लिए वन विभाग क्या प्रभावी कदम उठाता है।
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