होम / दुर्ग - भिलाई / Korba: चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में लगी आग, भाई-बहन ने कूदकर बचाई जान, वाहन जलकर खाक, फिर सवालों के घेरे में इलेक्ट्रिक वाहन!
दुर्ग - भिलाई
कोरबा/स्वराज टुडे: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। स्कूटी सवार भाई-बहन ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचाई, जबकि देखते ही देखते पूरी स्कूटी जलकर खाक हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, पीयूष कंवर अपनी दीदी के साथ कुसमुंडा से कटकीडबरी लौट रहे थे। इसी दौरान भिलाईबाजार तालाब के पास उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। खतरा भांपते हुए दोनों ने स्कूटी से कूदकर अपनी जान बचाई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले कटघोरा कॉलेज के पास भी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में आग लगने की घटना सामने आई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। हालांकि, भिलाई बाजार की घटना में आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में आग लगने की सबसे बड़ी वजहों में बैटरी का अत्यधिक गर्म होना, बैटरी में खराबी और चार्जिंग सिस्टम में गड़बड़ी शामिल हैं। हालांकि, हर इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने का कारण एक जैसा नहीं होता।
1. लिथियम-आयन बैटरी में खराबी
बैटरी के सेल में आंतरिक शॉर्ट सर्किट होने पर तापमान तेजी से बढ़ सकता है। इससे थर्मल रनअवे नामक स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें आग लगने का खतरा रहता है।
2. गलत तरीके से चार्जिंग
अनधिकृत चार्जर, खराब केबल, दोषपूर्ण सॉकेट या चार्जिंग सिस्टम में खराबी से बिजली के कनेक्शन गर्म हो सकते हैं और आग लग सकती है।
3. दुर्घटना या बैटरी को नुकसान
वाहन के टकराने, गिरने या बैटरी पैक के क्षतिग्रस्त होने से अंदरूनी शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
4. घटिया वायरिंग या निर्माण संबंधी दोष
खराब गुणवत्ता वाले सेल, ढीले कनेक्शन, खराब इंसुलेशन या निर्माण में हुई गड़बड़ी आग का कारण बन सकती है।
5. अत्यधिक तापमान
बहुत गर्म वातावरण, बैटरी की खराब कूलिंग या लंबे समय तक अधिक तापमान में रहने से बैटरी पर दबाव बढ़ सकता है।
6. बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) की खराबी
BMS बैटरी के वोल्टेज, तापमान और चार्जिंग की निगरानी करता है। इसमें खराबी होने पर बैटरी की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
● वाहन के निर्माता द्वारा सुझाए गए चार्जर का ही इस्तेमाल करें।
● बैटरी या चार्जिंग केबल क्षतिग्रस्त हो तो वाहन चार्ज न करें।
● वाहन में असामान्य गर्मी, धुआँ, फुफकारने की आवाज या जलने की गंध आए तो उससे दूर हटें और दूसरों को भी दूर करें।
● बैटरी में खुद से बदलाव या मरम्मत न करें।
● आग लगने पर बैटरी को छूने या खुद बुझाने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी पर जाकर 112 पर सहायता माँगें।
सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएँ केवल ओवरचार्जिंग के कारण नहीं होतीं। बैटरी का आंतरिक दोष, खराब वायरिंग, दुर्घटना और निर्माण संबंधी खामियाँ भी जिम्मेदार हो सकती हैं।
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