सामाजिक गतिविधियां

डॉ. रमन सिंह का जन्मदिन विशेष: सादगी से सत्ता तक का सफर, छत्तीसगढ़ की राजनीति में 15 साल का कार्यकाल

3551610202606031815a_117.webp

डॉ. रमन सिंह – सादगी से सत्ता तक, 15 साल के विकास पुरुष की कहानी
जन्मदिन विशेष: 15 अक्टूबर 1952 – आज 74वां जन्मदिन

रायपुर 
छत्तीसगढ़ की राजनीति में अगर किसी एक नाम ने सबसे लंबी और स्थायी छाप छोड़ी है, तो वो हैं डॉ. रमन सिंह। आयुर्वेद के डॉक्टर से लेकर लगातार 15 साल तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता तक का उनका सफर, भारतीय राजनीति में दुर्लभ है।

1. प्रारंभिक जीवन – ठाठापुर से रायपुर तक
डॉ. रमन सिंह का जन्म 15 अक्टूबर 1952 को अविभाजित मध्यप्रदेश के कवर्धा जिले के ठाठापुर गांव में हुआ था। पिता विघ्नहरण सिंह ठाकुर एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता थे। 

1975 में उन्होंने रायपुर के शासकीय आयुर्वेद कॉलेज से BAMS की डिग्री ली। इसी कारण उन्हें आज भी कार्यकर्ता प्यार से "चाउर वाले बाबा" नहीं, बल्कि "डॉक्टर साहब" कहते हैं। राजनीति में उनकी सक्रियता 1976 से शुरू हुई। 

2. राजनीतिक यात्रा
•  1990 और 1993 में मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। 
•  1999 में राजनांदगांव से लोकसभा सांसद चुने गए।
•  अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री बने।
•  7 दिसंबर 2003 को जब छत्तीसगढ़ में पहली बार भाजपा की सरकार बनी, तो 51 साल के रमन सिंह को राज्य का दूसरा मुख्यमंत्री बनाया गया।

•  उसके बाद 2008 और 2013 में लगातार जीत हासिल कर उन्होंने 2003 से 2018 तक लगातार तीन बार मुख्यमंत्री का पद संभाला। 

•  वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष हैं।
3. क्यों कहलाए 'चाउर वाले बाबा'?
रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल को दो योजनाओं के लिए हमेशा याद किया जाएगा:

1. खाद्य सुरक्षा का छत्तीसगढ़ मॉडल: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में उनका सुधार देशभर में मिसाल बना। 1 रुपये किलो चावल योजना ने उन्हें घर-घर में "चाउर वाले बाबा" के नाम से लोकप्रिय कर दिया। इसी मॉडल को बाद में केंद्र सरकार के खाद्य सुरक्षा कानून का आधार माना गया।

2. स्वास्थ्य और विकास: खुद आयुर्वेदिक डॉक्टर होने के नाते उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, बिजली और स्कूलों का जाल बिछाने का काम उनके कार्यकाल में तेज गति से हुआ।

4. व्यक्तित्व की खासियत
विरोधी भी मानते हैं कि रमन सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनकी सादगी और शांत स्वभाव है। लंबी सत्ता के बावजूद उन पर व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का बड़ा आरोप कभी नहीं लगा। कम बोलना, मुस्कुराकर जवाब देना और संगठन को साथ लेकर चलना – यही उनकी शैली रही।

छत्तीसगढ़ जैसे नए और चुनौतियों से भरे राज्य को एक स्थिर प्रशासन देना, यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

Image after paragraph

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

87911022025112307cctv.jpg

ताज़ा समाचार

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी / संपादक : विवेक कुमार ताम्रकार

केन्द्रीय कर्मचारी नगर शिव मंदिर के पास
दुर्ग (छत्तीसगढ़) - 491001

मो.- 7772893123

Mail.- pbnewspe@gmail.com

Social Media

Copyright 2024-25 Public Bhadash - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.